पटना उच्च न्यायालय का सख्त रुख: मधुबनी डीएम पर ₹10 हजार का जुर्माना, 5 हफ्ते में शो-कॉज दाखिल करने का अंतिम मौका

हाईकोर्ट ने प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए मधुबनी के जिलाधिकारी पर ₹10,000 का आर्थिक दंड लगाया है। यह आदेश शो-कॉज नोटिस समय पर दाखिल नहीं किए जाने को लेकर दिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि उक्त राशि बिहार मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराई जाए।

न्यायमूर्ति डॉ. अंशुमान की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी, मधुबनी को अंतिम रूप से पांच सप्ताह के भीतर शो-कॉज दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि लगातार समय मांगने और आदेशों की अवहेलना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि 01 अगस्त 2025 को पारित आदेश के बावजूद अब तक जिलाधिकारी द्वारा शो-कॉज दाखिल नहीं किया गया है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से यह दलील दी गई कि शो-कॉज के स्थान पर काउंटर एफिडेविट दाखिल किया गया था और इसी आधार पर समय मांगा गया।

राज्य सरकार द्वारा एक बार फिर अतिरिक्त समय की मांग की गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार तो किया, लेकिन इसे अंतिम अवसर बताते हुए आर्थिक दंड भी लगा दिया।

यह मामला मधुबनी जिले के रहीका प्रखंड से जुड़ा है, जहां एक निजी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर विवाद चल रहा है। पूर्व में न्यायालय ने स्वामित्व के पक्ष में फैसला देते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिया था कि उक्त जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, लेकिन आदेश के अनुपालन में देरी को लेकर यह मामला कोर्ट के समक्ष आया।



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